संस्था के उद्देश्य / Aim of MSF

1. जनमानस की खुशहाली हेतु बहुउद्देशीय सामाजिक-आर्थिक संवैधानिक रक्षोपायों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु आवश्यक संवैधानिक गतिविधियां संचालित की जायेंगी ।

2. जनमानस के कार्यकलापों में समन्वय स्थापित करने, अनुभवों का आदान-प्रदान करने, पहल करने तथा एकता स्थापित करने एवं दिशा निर्देश देने हेतु सम्मेलन, सेमिनार, सभायें तथा संबाद आदि आयोजित किये जायेंगे | जिलास्तरीय, तहसील, ब्लाक, कस्वा, ग्रामस्तरीय समितियों का गठन किया जायेगा ।

3. धार्मिक आयोजन सर्व धर्म सम्मेलन के रूप में भी किये जायेंगे । जिसमें मानव कल्याणकारी धार्मिक प्रवचन, देशनायें, और समाज सुधारक धर्मगुरूओं, गुरूओं, भिक्षुओं, सन्त, महापुरूषों, महामानवों की चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेंगी ।

4. बहुउद्देशीय मानवोत्थान कार्य संचालित किये जायेंगे । शासन के द्वारा मानव उत्थान हेतु जारी दिशा निर्देशों, शासनादेशों की जानकारी कर उन्हें जन जन तक पहुॅचाने का प्रयास किया जायेगा ।

5. साम्प्रदायिक सद्भाव, सामाजिक सहयोग तथा राष्ट्रीय एकता व अखण्डता को बढावा देने के लिए शिक्षा व सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक मेल-मिलाप तथा अन्य आवश्यक गतिविधियां आयोजित की जायेंगी साल में एक बार सर्वधर्म सम्मेलन भी बुलाया जायेगा जिससे सभी धर्मावलम्बियो / धम्म बन्धुओं / धम्म अनुयाइयों में भाईचारा बना रहे और सदभाव के साथ सभी मिलजुलकर एक जुट होकर रह सकें महापुरूषों के विचारों को जन जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से मेलों और सभाओं, सेमीनारो, पाठशालाओं का आयोजन किया जायेगा ।

6. विशेष तौर पर सदस्यों के लिए तथा आमतौर पर साधारण जनता की आर्थिक उन्नति के लिए योजनायें बनाना व कार्यान्वित करना । जनसुविधा केन्द्र एवं एन.जी.ओ. संचालित किये जायेंगे ।

7. भारतीय जनमानस में फैली नशाखोरी,चौरी, चुगली, बालविवाह, बाल अपराध, देवदासी प्रथा, दहेजप्रथा, आदि जैसी सामाजिक बुराईयों को मिटाने के लिए कार्य किये जायेंगे । इस तरह की सरकारी योजनाओं में सरकार को सहयोग प्रदान किया जायेगा व सहभागिता प्राप्त करने हेतु प्रयास किया जायेगा |

8. जनमानस में पनपी दहेज रूपी प्रथा को मिटाने हेतु दहेज रहित विवाह संस्कृति और सभ्यता, बुध्द धम्म पद्यति विकसित करने हेतु विवाह योग्य युवक एवं युवतियों का परिचय सम्मेलन बुलाकर या सामूहिक विवाह मण्डप लगाकर दोनों पक्षों के आपसी सहयोग से विवाह सम्पन्न कराने की मध्यस्ता के रूप में समिति कार्य करेगी । सरकारी योजनाओं का सीधे जनता को लाभ मिले प्रयास करेंगे । 

9. फाउण्डेशन जनमानस के समता मूलक समाज निर्माण हेतु बहुउद्देशीय विकास एवं जनकल्याण के लिये और समिति के सफल संचालन हेतु सामाजिक उत्थान, आर्थिक विकास, संस्कृतिक विकास एवं शैक्षिक विकास आदि बहुउद्देशीय कार्यक्रम चलायेगी । जन मानस को बहुउद्देशीय शिक्षा से जोडने का प्रयास किया जायेगा ।

10. हिन्दी भाषा का प्रचार व प्रसार करना । संवैधानिक अधिकारों से जनमानस को अवगत कराना।

11. आवश्यकतानुसार स्कूल, कालेज, विद्यालय, महाविद्यलय, विश्वविद्यालय खोलना और उनको प्रबन्ध समिति के अधीन संचालित करना ।

12. अनुसूचित जाति, जन जाति, पिछडावर्ग एवं निर्वल वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिये छात्रावासों की व्यवस्था करना । पुस्तकालय एवं वाचनालययों की स्थापना करना ।

13. अपंग, विधवा तथा बृध्दों के लिये आश्रय आश्रमों की व्यवस्था करना । बालक/बालिका छात्रावासों, भिक्षु / भिक्षुणियों के लिये बिहारों, का निर्माण करना ।

14. अनुसूचित जाति, जन जाति, पिछडा वर्ग और कमजोर वर्गों के लिये आवासीय व्यवस्था करना और अन्य सुविधा उपलब्ध कराना । सदस्यों को किराये पर आवास एवं दुकान दिलाने में मदद करना । 15. सामाजिक बाद, विवादों, मुकदमे आदि झगड़ों को आपसी सुलह कराकर व योग्य अधिवक्ताओं और सेवानिवृत्त जजों का निःशुल्क परामर्श दिलाकर समाप्त कराने का प्रयास किया जायेगा और जनमानस को प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क सलाह एव परामर्श दिया जायेगा ।

16. जनमानस के उपचार हेतु अस्पताल एवं डिस्पेशनरी खोलना । चैरिटेविल ट्रस्ट संचालित करने का प्रयास करना । जनमानस उपयोगी परामर्श केन्द्र खोलना, तकनीकी प्रक्षिण केन्द्रों की स्थापना करना ।

 17. चैरिटेविल ट्रस्ट बनाकर स्वास्थ चिकित्सालय एवं स्वास्थ प्रशिक्षण शिविर, मेडीकल कालेजों का निर्माण, मेडीटेशन सेन्टर का निर्माण, आदि कार्य संचालित एवं निर्माण किये जायेंगे ।

Shopping Cart